नई दिल्ली। नौकरी बदलने के साथ अक्सर कर्मचारी अपना सैलरी अकाउंट भी बदल लेते हैं। कभी नई कंपनी के नियमों के कारण तो कभी बेहतर बैंकिंग सुविधाओं या कम शुल्क के चलते नया खाता खुलवा लिया जाता है। लेकिन इस प्रक्रिया में कई लोग एक अहम बात भूल जाते हैं- कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) पीएफ की राशि उसी बैंक खाते में भेजता है, जो आपके यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) से जुड़ा होता है।
यदि पुराना बैंक खाता बंद या निष्क्रिय हो चुका है, तो पीएफ निकासी के समय आपका क्लेम खारिज हो सकता है। अक्सर कर्मचारियों को इसकी जानकारी तब मिलती है, जब उन्हें पैसों की सख्त जरूरत होती है और वे क्लेम के लिए आवेदन करते हैं।
बदलाव से पहले पोर्टल पर करें ये जांच
बैंक खाते की जानकारी अपडेट करने से पहले EPFO के Member e-Sewa पोर्टल पर लॉग इन करके यह सुनिश्चित करें कि वर्तमान में आपका UAN किस बैंक खाते से जुड़ा है। कई लोगों को यह गलतफहमी होती है कि नौकरी बदलते ही बैंक डिटेल अपने आप अपडेट हो जाती हैं, जबकि ऐसा नहीं होता।
साथ ही यह भी जांच लें कि आपका आधार और पैन कार्ड पूरी तरह सत्यापित (वेरिफाई) हों। यदि नाम या अन्य जानकारी में स्पेलिंग की गलती है और रिकॉर्ड आपस में मेल नहीं खा रहे हैं, तो अपडेट रिक्वेस्ट अस्वीकार हो सकती है। इसलिए पहले सभी विवरण सही करवा लें।
EPFO में ऐसे अपडेट करें नया बैंक खाता
- Member e-Sewa पोर्टल पर लॉग इन करें।
- ‘Manage’ सेक्शन में जाकर ‘KYC’ विकल्प चुनें।
- नया बैंक अकाउंट नंबर और IFSC कोड सावधानीपूर्वक दर्ज करें।
- आवश्यकता होने पर रद्द (कैंसल) चेक की स्पष्ट फोटो अपलोड करें।
डिटेल सबमिट करने के बाद आपकी रिक्वेस्ट सीधे स्वीकृत नहीं होती, बल्कि मौजूदा कंपनी के पास मंजूरी के लिए भेजी जाती है। यदि कंपनी का HR विभाग इसे अप्रूव नहीं करता, तो बदलाव लागू नहीं होगा। ऐसे में रिक्वेस्ट लंबित रहने पर HR या सैलरी विभाग से तुरंत संपर्क करें।
समय रहते अपडेट करें, वरना बढ़ेगी परेशानी
यदि पीएफ क्लेम के दौरान बैंक डिटेल गलत पाई जाती हैं, तो EPFO भुगतान प्रोसेस नहीं करेगा और क्लेम रिजेक्ट हो जाएगा। फिर पूरी प्रक्रिया दोबारा करनी पड़ेगी। नौकरी छोड़ने के बाद या किसी आपात स्थिति में पीएफ एडवांस निकालते समय पैसों का अटकना बेहद तनावपूर्ण हो जाता है।
ध्यान रखें, पूरे करियर में आपका UAN एक ही रहता है और इसके साथ एक समय में केवल एक बैंक खाता सक्रिय हो सकता है। इसलिए सैलरी अकाउंट बदलते ही EPFO पोर्टल पर बैंक डिटेल अपडेट करना प्राथमिकता बनाएं।पांच मिनट का यह छोटा सा काम आपको भविष्य में हफ्तों की परेशानी से बचा सकता है।
