लखनऊ। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) द्वारा आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) में न्यूनतम कटऑफ (न्यूनतम परसेंटाइल) निर्धारित किए जाने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को लखनऊ में माननीय उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को मांग पत्र सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल ने मांग पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि पीईटी परीक्षा प्रदेश में विभिन्न महत्वपूर्ण भर्तियों जैसे ग्राम पंचायत अधिकारी, लेखपाल, जूनियर असिस्टेंट, लोअर पीसीएस सहित अनेक पदों की मुख्य परीक्षा का आधार है। यदि किसी अभ्यर्थी का पीईटी में किसी कारणवश प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहता, तो उसे कई आगामी परीक्षाओं से वंचित होना पड़ता है, जिससे उसके भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
अभ्यर्थियों ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था में न्यूनतम कटऑफ निर्धारित न होने के कारण अनेक योग्य अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में सम्मिलित होने का अवसर नहीं मिल पाता, जिससे वे खुली प्रतिस्पर्धा से बाहर हो जाते हैं। यह स्थिति न केवल मानसिक तनाव को बढ़ाती है, बल्कि अभ्यर्थियों के समय और आर्थिक संसाधनों की भी क्षति करती है।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि सीटीईटी, यूपीटीईटी, सीसैट तथा नीट-पीजी 2025 की तर्ज पर पीईटी परीक्षा में भी न्यूनतम कटऑफ लागू किया जाए, जिससे योग्य अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके।
उन्होंने माननीय डिप्टी सीएम से पीईटी-2025 एवं आगामी परीक्षाओं में न्यूनतम कटऑफ लागू किए जाने का आग्रह किया, ताकि प्रदेश के लाखों अभ्यर्थियों को राहत मिल सके।
ज्ञापन सौंपने वालों में संदीप सिंह, अनुपम सिंह, प्रभात दुबे, पंकज पांडेय, विनय श्रीवास्तव, आदर्श मिश्रा, अमन यादव, खुशबू देवी, हर्ष झा, खुशबू त्रिपाठी सहित अन्य अभ्यर्थी शामिल रहे।
