लखनऊ। समाज के सबसे वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से बुधवार को घुमंतू समाज के प्रतिनिधियों ने गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधियों ने अपने समाज से जुड़ी जमीनी समस्याओं को विस्तार से रखते हुए समाधान की मांग की।
घुमंतू समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि उनके समाज के अधिकांश लोग आज भी स्थायी निवास के अभाव में जीवन यापन कर रहे हैं। स्थायित्व न होने के कारण उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि वे अपने बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं, लेकिन पहचान से जुड़े आवश्यक दस्तावेज न होने के कारण विद्यालयों में प्रवेश से लेकर विभिन्न सरकारी सुविधाओं तक पहुंच बाधित हो जाती है।
प्रतिनिधियों ने विशेष रूप से जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और आधार कार्ड जैसी मूलभूत पहचान से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग रखी।
इस पर राज्यमंत्री असीम अरुण ने घुमंतू समाज के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि घुमंतू समाज के लोगों को सभी आवश्यक प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि वे सरकारी योजनाओं से वंचित न रहें।
राज्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार घुमंतू समाज के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उन्हें शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घुमंतू समाज से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।इस अवसर पर घुमंतू समाज के प्रतिनिधि रवेंद्र कुमार, गौतम कुमार सहित समाज के कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
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