महराजगंज। ईद-उल-फितर पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए जनपद में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई है। 21 मार्च को मनाए जाने वाले ईद पर्व के दृष्टिगत पूरे जिले को 4 जोन और 19 सेक्टर में विभाजित किया गया है, जहां पुलिस की कड़ी निगरानी रहेगी।
जनपद में परंपरागत रूप से 330 ईदगाहों और 360 मस्जिदों में नमाज अदा की जाएगी। इसे देखते हुए सभी प्रमुख स्थलों पर विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। महत्वपूर्ण ईदगाहों और मस्जिदों के आसपास पुलिस बल के साथ मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।
पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना के निर्देशन में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। थानों के नियमित बल के अतिरिक्त 10 निरीक्षक, 26 उपनिरीक्षक, 164 हेड कांस्टेबल, 27 महिला आरक्षी, 2 प्लाटून पीएसी तथा 6 फायर टेंडर तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही सभी थानों में 137 क्लस्टर मोबाइल टीमें सक्रिय कर दी गई हैं, जो लगातार भ्रमण कर हर सूचना पर त्वरित कार्रवाई करेंगी।
नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों एवं मिश्रित आबादी वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। संवेदनशील और अति संवेदनशील स्थानों पर पुलिस पिकेट तथा स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे, जबकि दंगा नियंत्रण उपकरणों के साथ अतिरिक्त पुलिस बल भी मुस्तैद रहेगा।
भीड़भाड़ वाले बाजारों, प्रमुख चौराहों और धार्मिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी। बम निरोधक दस्ता एवं स्निफर डॉग द्वारा एंटी-सबोटाज चेकिंग भी कराई जा रही है। यूपी-112 वाहनों को प्रमुख मार्गों पर तैनात कर उनके रिस्पांस टाइम को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अराजक तत्वों पर नजर रखने के लिए पुलिस द्वारा निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है। पूर्व में विवादों में शामिल व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। साथ ही सोशल मीडिया की लगातार निगरानी की जा रही है और भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
जनपद स्तर पर 24 घंटे का नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग, 108 एंबुलेंस सेवा तथा जिला अस्पताल को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे आपसी भाईचारा बनाए रखें, शांति और सौहार्द के साथ पर्व मनाएं तथा किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
