•पर्यटन रोडमैप 2047: यूपी की जीवीए में पर्यटन का योगदान 5 प्रतिशत करने का लक्ष्य, आगमन 100 करोड़ से अधिक होगा।2047 तक यूपी को शीर्ष तीन पर्यटन।
लखनऊ। प्रदेश के पर्यटन रोडमैप के तहत समयबद्ध लक्ष्यों के माध्यम से वर्ष 2047 तक पर्यटन का राज्य की जीवीए (ग्रॉस वैल्यू एडेड) में योगदान 5 प्रतिशत तक बढ़ाने, देश के पर्यटन जीवीए में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 16 प्रतिशत करने, पर्यटक आगमन को 100 करोड़ से अधिक तक पहुंचाने और प्रदेश को देश के शीर्ष तीन पर्यटन राज्यों में शामिल करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
यह जानकारी पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने पर्यटन भवन, लखनऊ में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दी। बैठक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के अनुरूप आयोजित की गई, जिसमें मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी भी उपस्थित रहे।
बैठक में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में पर्यटन की भूमिका और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि 2027-28 तक वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य को हासिल करने में पर्यटन एक सशक्त ग्रोथ इंजन के रूप में उभरेगा। इसके लिए बुनियादी ढांचे के विस्तार, निजी निवेश को प्रोत्साहन देने और पर्यटन सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश पर्यटन के लिए निर्धारित अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक लक्ष्यों को प्रस्तुत किया गया। रोडमैप के अनुसार राज्य की जीवीए में पर्यटन का योगदान वर्तमान 1.2 प्रतिशत से बढ़ाकर वर्ष 2047 तक 5 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य तय किया गया है। वहीं देश के कुल पर्यटन जीवीए में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी को मौजूदा 9.2 प्रतिशत से बढ़ाकर 16 प्रतिशत करने की योजना है।
पर्यटन आगमन के क्षेत्र में भी बड़े लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, जिनके तहत प्रदेश में कुल पर्यटकों की संख्या 2047 तक 100 करोड़ से अधिक करने और विदेशी पर्यटकों की संख्या 45 लाख से ऊपर पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही उत्तर प्रदेश को भारत के शीर्ष तीन पर्यटन राज्यों में शामिल करने का संकल्प लिया गया है।रोजगार सृजन के लिहाज से भी यह रोडमैप महत्वाकांक्षी है। कुल रोजगार में पर्यटन की हिस्सेदारी को मौजूदा 1.43 प्रतिशत से बढ़ाकर 2047 तक 5 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इसके अलावा विदेशी पर्यटकों के ठहरने की औसत अवधि, प्रति पर्यटक खर्च, हवाई यात्री यातायात, प्रीमियम होटलों की संख्या और पर्यटन से जुड़े रोजगार में निरंतर वृद्धि के लिए ठोस लक्ष्य तय किए गए हैं।
पर्यटन नीति-2022 के तहत अयोध्या, काशी और मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक केंद्रों के साथ-साथ बाबा नीम करौरी, कालिंजर किला और नैमिषारण्य जैसे महत्वपूर्ण स्थलों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन क्षेत्रों में फाइव स्टार होटल, होमस्टे, बेहतर कनेक्टिविटी और स्वच्छ वातावरण विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पर्यटकों को विश्वस्तरीय अनुभव मिल सके।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में पर्यटन को एक मजबूत ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विस्तार, निवेश को बढ़ावा देने और पर्यटन सुविधाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने पर लगातार कार्य हो रहा है, जिससे आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। एक सुनियोजित रोडमैप के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ाने, जीवीए में वृद्धि और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर फोकस किया गया है, जिससे प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने बताया कि नई पर्यटन नीति के तहत अयोध्या, काशी और मथुरा जैसे प्रतिष्ठित धार्मिक केंद्रों के साथ-साथ उभरते पर्यटन स्थलों का समग्र विकास किया जा रहा है। कनेक्टिविटी, विश्वस्तरीय ठहराव सुविधाएं, स्वच्छता और सुरक्षित पर्यटन माहौल को प्राथमिकता देते हुए ऐसा इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिससे 2047 तक उत्तर प्रदेश न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने वाले पर्यटन राज्यों में शामिल हो सके।
वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी को लेकर हुई इस समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात, महानिदेशक पर्यटन डॉ. वेदपति मिश्रा, विशेष सचिव ईशा प्रिया, यूपीएसटीडीसी के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार, निदेशक इको टूरिज्म पुष्प कुमार के., सलाहकार जयप्रकाश सिंह सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
