प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में न्यायिक व्यवस्था को और सुदृढ़ व प्रभावी बनाने के उद्देश्य से इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़े पैमाने पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीशों के तबादले किए हैं। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण भंसाली के आदेश पर कुल 63 अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीशों (ADJ) को नई तैनाती दी गई है। इस संबंध में हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल मनजीत सिंह द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है।
इस तबादला सूची में मेरठ और सहारनपुर की स्पेशल कोर्टों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। माना जा रहा है कि यह फेरबदल विशेष रूप से भ्रष्टाचार निरोधक मामलों की सुनवाई में तेजी लाने और लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के उद्देश्य से किया गया है।
तबादला आदेश के तहत जज सुनील कुमार वर्मा को एक नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें उत्तर प्रदेश के राज्यपाल का कानूनी सलाहकार नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति को न्यायिक और प्रशासनिक समन्वय की दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
हाईकोर्ट के इस फैसले से राज्य की न्यायिक प्रणाली में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, अनुभवी न्यायिक अधिकारियों की नई तैनाती से न केवल मामलों के निस्तारण की गति बढ़ेगी, बल्कि निचली अदालतों में न्यायिक कार्यप्रणाली भी अधिक सुदृढ़ होगी।
हाईकोर्ट द्वारा जारी आदेश के साथ ही सभी संबंधित न्यायिक अधिकारियों को शीघ्र नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। इस व्यापक फेरबदल को प्रदेश में न्यायिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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