प्रयागराज। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 बुधवार से हिंदी विषय के प्रश्नपत्र के साथ शुरू हो गई। नकलविहीन और शुचितापूर्ण परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम से सभी 8033 परीक्षा केंद्रों के स्ट्रांग रूम की 24 घंटे ऑनलाइन निगरानी की जा रही है। परीक्षा दो पालियों में हो रही है—कल पहली पाली में सुबह 8:30 से 11:45 बजे तक (हाईस्कूल हिंदी/प्रारंभिक हिंदी) और दूसरी पाली दोपहर 2:00 से शाम 5:15 बजे तक (इंटरमीडिएट हिंदी/सामान्य हिंदी) रही।
इस वर्ष कुल 53,37,778 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें हाईस्कूल के 27,61,696 और इंटरमीडिएट के 25,76,082 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। प्रदेश के 75 जिलों में 8033 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। पहली बार 20 संवेदनशील केंद्रों पर मोबाइल जैमर लगाए गए हैं।
18 जिलों के 1000 से अधिक नंबर सर्विलांस पर
विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज, हरदोई, कन्नौज, आजमगढ़, बलिया, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर, देवरिया और गोंडा समेत 18 जिलों में करीब 1000 से अधिक स्कूल संचालकों, प्रधानाचार्यों, गाइड विक्रेताओं, शिक्षकों व अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लिए हैं। 222 अति संवेदनशील और 683 संवेदनशील परीक्षा केंद्र चिह्नित कर एसटीएफ व एलआईयू को सूची सौंपी गई है। प्रत्येक पाली में इन केंद्रों का दो बार निरीक्षण भी किया जाएगा।
राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम के साथ पांच क्षेत्रीय कार्यालयों और 75 जनपद मुख्यालयों से भी स्ट्रांग रूम व परीक्षा प्रक्रिया की ऑनलाइन मॉनिटरिंग हो रही है। परीक्षार्थियों को प्रत्येक उत्तर-पुस्तिका के पृष्ठ पर अपना अनुक्रमांक अंकित करना अनिवार्य किया गया है।
जेलों में भी परीक्षा
जेल में निरुद्ध 176 कैदी हाईस्कूल और 184 कैदी इंटरमीडिएट की परीक्षा आठ जेल केंद्रों पर दे रहे हैं।
नकल पर कड़ी सजा, लेकिन छात्रों पर मुकदमा नहीं
बोर्ड सचिव भगवती सिंह के अनुसार, परीक्षा में नकल कराने पर उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है, जिसमें आजीवन कारावास और एक करोड़ रुपये तक जुर्माना शामिल है।
हालांकि, परीक्षा के दौरान अनुचित साधन प्रयोग करते पकड़े गए छात्रों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं कराया जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित विषय की उत्तर-पुस्तिका का मूल्यांकन निरस्त कर दिया जाएगा और परिणाम बोर्ड द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार घोषित किया जाएगा।
