— के. के. मिश्रा, संवाददाता।
भुजैनी, संत कबीर नगर। गंगा देवी कपिल देव तिवारी पीजी कॉलेज भुजैनी में शुक्रवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की स्वामी विवेकानंद एवं सरदार वल्लभभाई पटेल इकाइयों के संयुक्त तत्वाधान में नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के प्रचार-प्रसार हेतु कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महिला स्वयंसेवियों द्वारा मानव श्रृंखला बनाकर की गई।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संतोष कुमार सिंह ने कहा कि 16 से 18 अप्रैल तक आयोजित विशेष संसद सत्र नारी शक्ति वंदन के संदर्भ में ऐतिहासिक है और यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
स्वामी विवेकानंद इकाई के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रंगनाथ तिवारी ने कहा कि किसी भी वर्ग का राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर्याप्त न होने पर उसकी नीति निर्माण में भागीदारी सीमित हो जाती है। महिलाओं के प्रति भेदभाव समाप्त करने के लिए यह कानून अत्यंत आवश्यक है।
महाविद्यालय की प्रवक्ता श्रीमती पूजा पुष्पांजलि ने कहा कि इस अधिनियम के लागू होने से महिलाओं की भागीदारी अब केवल प्रतीकात्मक न रहकर निर्णयात्मक होगी, जो विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगी।
इस अवसर पर श्रीमती शशि चौधरी एवं श्रीमती विनीता प्रजापति ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सरदार वल्लभभाई पटेल इकाई के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विनीत कुमार गौड़ ने अधिनियम के तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह आरक्षण प्रारंभ में 15 वर्षों के लिए लागू होगा, जिसे संसद द्वारा आगे बढ़ाया जा सकता है।
कार्यक्रम का संचालन हरिशंकर शुक्ला ने किया। इस दौरान एनएसएस के स्वयंसेवी एवं महाविद्यालय के प्राध्यापकगण उपस्थित रहे।
