लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अजय राय ने भाजपा स्थापना दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति को लेकर सत्तारूढ़ दल पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने इसे भाजपा के भीतर बढ़ते असंतोष का संकेत बताया।
प्रेस वार्ता में उनके साथ आसिफ रिजवी रिंकू, अंशू अवस्थी और उमाशंकर पाण्डेय भी मौजूद रहे।
अजय राय ने कहा कि कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष, उपमुख्यमंत्री और अन्य मंत्री मौजूद रहे, लेकिन मुख्यमंत्री शामिल नहीं हुए, जबकि वे प्रदेश में ही थे। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य नेताओं को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जोड़ा गया, पर मुख्यमंत्री को इससे भी दूर रखा गया, जो आंतरिक मतभेदों की ओर इशारा करता है।
उन्होंने भाजपा सरकार पर पिछले लगभग दस वर्षों से जवाबदेही से बचने और कांग्रेस पर आरोप लगाने का आरोप लगाया। अजय राय ने कहा कि वर्ष 2024 में उत्तर प्रदेश की जनता ने इंडिया गठबंधन का समर्थन कर भाजपा को जवाब दिया है।
उन्होंने सरकार के वादों पर सवाल उठाते हुए कहा कि 70 लाख नौकरियों, किसानों की आय दोगुनी करने और बेहतर कानून व्यवस्था के दावे धरातल पर नजर नहीं आते। प्रयागराज और लखनऊ में युवाओं पर लाठीचार्ज, 69 हजार शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों की समस्याएं और न्याय के लिए भटकते युवाओं की स्थिति सरकार की विफलता को दर्शाती है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से जुड़े कर्मचारियों की समस्याओं, बुलडोजर कार्रवाई और कानून-व्यवस्था के नाम पर की जा रही कार्रवाइयों की भी आलोचना की। वाराणसी में गौवंश की दयनीय स्थिति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह बेहद चिंताजनक है और इससे गौ संरक्षण के दावों पर सवाल उठते हैं।
इस अवसर पर अजय राय ने जानकारी दी कि समाज सुधारक ज्योतिबा फुले की जयंती पर कांग्रेस द्वारा अधिवक्ता सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें अभिषेक मनु सिंघवी और सलमान खुर्शीद के शामिल होने की संभावना है।
