अलीगढ़। कहते हैं कि सच्ची मोहब्बत न तो कोई जाति देखती है और न ही धर्म की दीवारें उसे रोक पाती हैं। प्यार करने वाले अक्सर सामाजिक और पारिवारिक बेड़ियों को पार कर एक नई राह चुन लेते हैं। ऐसा ही एक दिलचस्प मामला उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से सामने आया है। यहां पंजाब के लुधियाना की रहने वाली एक मुस्लिम युवती ने अलीगढ़ के एक हिंदू युवक के प्यार में स्वेच्छा से अपना धर्म परिवर्तन कर लिया है। मिस्बा अहमद नाम की यह युवती अब हिंदू धर्म अपनाकर ‘मनीषा’ बन गई है। खास बात यह है कि यह मामला अलीगढ़ जिले में उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत आधिकारिक तौर पर दर्ज किया गया पहला केस है।
प्रयागराज में अनुष्ठान कर की हिंदू धर्म में वापसी
जानकारी के अनुसार, पंजाब के लुधियाना स्थित आजाद नगर (खन्ना) की रहने वाली मिस्बा अहमद ने अलीगढ़ प्रशासन को एक प्रार्थना पत्र सौंपा है। इस रजिस्टर्ड प्रार्थना पत्र में उसने स्वेच्छा से मुस्लिम धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपनाने की जानकारी दी है। युवती ने हाल ही में प्रयागराज में आयोजित एक धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया और पूरे विधि-विधान के साथ धर्म परिवर्तन किया। इसके साथ ही उसने हिंदू धर्म में अपनी वापसी का एक शपथ पत्र भी प्रशासन को सौंपा है। अलीगढ़ के टप्पल इलाके के बैना गांव निवासी युवक से हुए प्यार के चलते मिस्बा ने यह बड़ा कदम उठाया है और अब वह समाज में मनीषा के नाम से ही पहचानी जाएगी।
प्रशासन ने शुरू की कानूनी प्रक्रिया
इस पूरे घटनाक्रम में अहम बात यह रही कि टप्पल निवासी युवक के परिजन इस धर्म परिवर्तन के दौरान साक्षी बने और उन्होंने मनीषा को खुले दिल से अपनाया। अब इस धर्म परिवर्तन को सरकारी दस्तावेजों में विधिवत रूप से दर्ज किया जाएगा, जिसके लिए स्थानीय प्रशासन ने अपनी कानूनी कार्रवाई और कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में जबरन या धोखे से कराए जाने वाले धर्मांतरण को रोकने के लिए 27 नवंबर 2020 को ‘यूपी विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन अधिनियम’ लागू किया गया था। चूंकि मनीषा का यह फैसला पूरी तरह से स्वैच्छिक है, इसलिए इसे इसी कानून के तहत एक वैध और आधिकारिक प्रक्रिया के रूप में रजिस्टर्ड किया जा रहा है।
