•तीसरी लाइन, दोहरीकरण व स्टेशन पुनर्विकास से यातायात होगा सुगम।
गोरखपुर। यात्रियों की सुविधा और ट्रेनों के सुरक्षित एवं सुगम संचालन के लिए पूर्वोत्तर रेलवे में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास, विस्तार और सुदृढ़ीकरण का कार्य तेज गति से किया जा रहा है। महाप्रबंधक उदय बोरवणकर के मार्गदर्शन में नई रेल लाइनों, दोहरीकरण, तीसरी लाइन तथा स्टेशनों के पुनर्विकास के साथ ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग के कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।


वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान पूर्वोत्तर रेलवे ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। इस अवधि में 27.92 किमी तीसरी लाइन, 53.43 किमी दोहरीकरण तथा 56.15 किमी आमान परिवर्तन का कार्य पूरा किया गया।
डोमिनगढ़-गोरखपुर-गोरखपुर कैंट-कुसम्ही तीसरी लाइन और गोरखपुर-नकहा जंगल दोहरी लाइन परियोजना को लगभग 275 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया गया। इसके तहत डोमिनगढ़-गोरखपुर जंक्शन-गोरखपुर कैंट (6.50 किमी) तीसरी लाइन तथा गोरखपुर-नकहा जंगल (5.50 किमी) दोहरी लाइन का कार्य पूर्ण हुआ।
इसी क्रम में बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रोड (56.15 किमी) आमान परिवर्तन परियोजना 342 करोड़ रुपये की लागत से पूरी की गई। वहीं बुढ़वल-गोण्डा तीसरी लाइन परियोजना के अंतर्गत करनैलगंज-घाघरा घाट (21.42 किमी) और घाघरा घाट-बुढ़वल खंड पर कार्य पूरा हुआ, जिसमें घाघरा नदी पर महत्वपूर्ण पुल का निर्माण भी शामिल है।
भटनी-औंड़िहार दोहरीकरण परियोजना के तहत मऊ-पीपरीडीह-दुल्लहपुर (20.92 किमी) तथा पीवकोल-लार रोड (14.51 किमी) खंड का दोहरीकरण कार्य पूर्ण किया गया। मऊ-शाहगंज (99.44 किमी) परियोजना को लगभग 1176 करोड़ रुपये की लागत से पूरा कर दिया गया है, जिसमें मऊ-खुरहट (12.50 किमी) खंड को रेल यातायात के लिए खोल दिया गया।
रेल नेटवर्क के विस्तार के लिए सहजनवा-दोहरीघाट (81 किमी), खलीलाबाद-बहराइच (240 किमी), आनंदनगर-घुघली वाया महराजगंज (51 किमी), पनियहवा-तमकुही (64 किमी) तथा एटा-कासगंज (29 किमी) नई रेल लाइन परियोजनाओं पर तेजी से कार्यवाही जारी है।
इसके अलावा, आगामी 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पूर्वोत्तर रेलवे के 58 स्टेशनों के पुनर्विकास को मंजूरी दी गई है। खलीलाबाद, ऐशबाग, लखनऊ सिटी, लखीमपुर, डालीगंज, गुरसहायगंज, टनकपुर और बहेड़ी स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य पूरा हो चुका है। वहीं गोमतीनगर, बलरामपुर, गोला गोकरननाथ, मैलानी, रामघाट हाल्ट, सिद्धार्थनगर, स्वामी नारायण छपिया, बरेली सिटी, इज्जतनगर, हाथरस सिटी, ऊझानी, सुरेमनपुर और थावे जंक्शन जैसे स्टेशनों का पुनर्विकास कर उनका उद्घाटन नरेन्द्र मोदी द्वारा किया जा चुका है।
रेल प्रशासन का कहना है कि इन परियोजनाओं से न केवल रेल यातायात अधिक सुगम और सुरक्षित होगा, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास को भी नई गति मिलेगी।
