बस्ती। मनरेगा के नाम में प्रस्तावित बदलाव के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में लखनऊ में विधानसभा घेराव करने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज की बस्ती इकाई ने कड़े शब्दों में निंदा की है। पार्टी नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए कहा कि जनहित के सवालों पर उनका संघर्ष जारी रहेगा।
लखनऊ में आयोजित प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस जिलाध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी ने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने जा रहे कार्यकर्ताओं पर बल प्रयोग करना सरकार की घबराहट को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार सवालों से डर गई है और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रही है।
वरिष्ठ नेता देवेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि गरीबों, मजदूरों और किसानों की आवाज उठाने वाली कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज अंग्रेजी शासनकाल की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि तानाशाही और अन्याय के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता मजबूती से खड़ा है।
पूर्व जिलाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र पाण्डेय ‘ज्ञानू’ ने कहा कि चाहे मनरेगा का मुद्दा हो, अहिल्याबाई होलकर के सम्मान का प्रश्न, शंकराचार्य जी के अपमान का मामला, किसानों की जमीन से जुड़े विवाद या लखनऊ की पुरानी मजारों को तोड़े जाने का मुद्दा—कांग्रेस हर अन्याय के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी।
शहर अध्यक्ष शौकत अली नन्हूं ने आरोप लगाया कि प्रदेश भर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लखनऊ जाने से रोका गया और जो कार्यकर्ता वहां पहुंचे, उन पर लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार हमें जेल भेज सकती है, लेकिन हमारे हौसले नहीं तोड़ सकती। जनता सब देख रही है और समय आने पर जवाब देगी।
लखनऊ प्रदर्शन में बस्ती से जिलाध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी के साथ नर्वदेश्वर शुक्ला, राहुल चौधरी, अमरदेव सिंह, सुनील पाण्डेय, लक्ष्मी यादव, राजेश भारती, अजय सिंह, राज कपूर, शुभम गांधी सहित अनेक कार्यकर्ता शामिल रहे।
कांग्रेस उपाध्यक्ष डॉ. वाहिद अली सिद्दीकी ने बस्ती से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि सरकार जनता की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन कांग्रेस का हर कार्यकर्ता जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेगा।
