•स्वामी दयानंद पूर्व माध्यमिक विद्यालय के वार्षिकोत्सव में महेश शुक्ल व कृतिका ज्योत्सना रहीं शामिल।



बस्ती। स्वामी दयानंद पूर्व माध्यमिक विद्यालय, सुर्तीहट्टा बस्ती में आयोजित वार्षिकोत्सव समारोह उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त, गौसेवा आयोग उत्तर प्रदेश सरकार के उपाध्यक्ष महेश शुक्ल एवं जिलाधिकारी बस्ती कृतिका ज्योत्सना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
दीप प्रज्ज्वलन से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। कंचनलता और रजनी आर्य ने तिलक एवं ओम पट्टिका से जिलाधिकारी का सम्मान किया, जबकि अलख निरंजन और ओंकार आर्य ने महेश शुक्ल का स्वागत किया।
परिधान, साहित्य और गीत व्यक्तित्व के परिचायक
अपने संबोधन में महेश शुक्ल ने कहा कि “हमारे परिधान, साहित्य और मुखड़े के गीत हमारे व्यक्तित्व का परिचय देते हैं। जैसा हम पहनते, पढ़ते और गुनगुनाते हैं, समाज हमारा आकलन उसी आधार पर करता है।”
उन्होंने भारतीय संस्कृति की विशेषता बताते हुए कहा कि हर मौसम, हर त्यौहार और हर मांगलिक अवसर के अपने गीत होते थे, जो साधना के साधन भी थे। उन्होंने कहा कि बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम उसी परंपरा का जीवंत उदाहरण है।
उन्होंने विद्यार्थियों को मौलिक अभिव्यक्ति, संस्कारयुक्त शिक्षा और मानवता के गुणों को अपनाने का संदेश दिया।
सफलता के मंत्र दिए जिलाधिकारी ने
जिलाधिकारी कृतिका ज्योत्सना ने कहा कि वार्षिकोत्सव वर्षभर में अर्जित ज्ञान, कौशल और क्रियाशीलता के प्रदर्शन का अवसर होता है। उन्होंने कहा कि सफलता अकेले नहीं आती, बल्कि सकारात्मक सोच, बड़ों के आशीर्वाद और समाज के सहयोग के साथ मिलती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को समाज का विश्वास जीतने और अपनी प्रतिभा को जनकल्याण में लगाने की प्रेरणा दी।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कार्यक्रम में कलाकार घनश्याम सनातन द्वारा लिखित वंदे मातरम् गीत और छुआछूत पर आधारित पंचायत नाटक की प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया।
बच्चों द्वारा प्रस्तुत दादाजी की छड़ी, योग स्तूप, अपना देश बनाने वाले गीत, संस्कार नाटक, राजस्थानी गीत, स्वच्छता गीत, बसंत और होली गीत आदि प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं।
घनश्याम सनातन ने अतिथियों एवं प्रबंधक ओम प्रकाश आर्य को वंदे मातरम् चित्र भेंट कर सम्मानित किया। वहीं प्रबंधक द्वारा उन्हें ‘ओम’ चित्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
शिक्षा और संस्कार पर विशेष बल
कार्यक्रम का संचालन करते हुए शिवांगी गुप्ता ने कहा कि विद्यार्थी को कंकर से शंकर बनने की यात्रा में अनुशासन और शिक्षक का मार्गदर्शन आवश्यक है।
प्रधानाचार्य आदित्यनारायण गिरि ने कहा कि बच्चों में अपार ऊर्जा होती है, जिसे शिक्षक राष्ट्रनिर्माण की दिशा में परिवर्तित करता है।
प्रबंधक ओम प्रकाश आर्य ने महर्षि दयानंद के शिक्षा संबंधी योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि जाति-पाति और ऊंच-नीच के भेदभाव को मिटाकर समान शिक्षा का संदेश आज भी प्रासंगिक है।
पुरस्कार वितरण एवं समापन
समारोह में राजेश्वरी और जीविका को श्रेष्ठ छात्रा पुरस्कार प्रदान किया गया। शिक्षिका अनीशा मिश्रा और नीतीश कुमार को उनकी विशेष सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।
अंत में प्रधानाध्यापक गरुण ध्वज पाण्डेय ने सभी अतिथियों एवं आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। पुरस्कार वितरण एवं सहभोज के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस अवसर पर अरविंद श्रीवास्तव, दिनेश मौर्य, अनूप कुमार त्रिपाठी, सुधीर कुमार, सूर्य कुमार शुक्ल, प्रमोद नेता, सुनील कुमार गुप्ता, बिन्देश यादव (जिला संचालक आर्य वीर दल), अंशिका पाण्डेय, स्वप्नल, ज्योति सोनी, पूजा साहनी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
