बस्ती। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का 61वां स्थापना दिवस प्रेस क्लब सभागार में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। परिषद अध्यक्ष मस्तराम वर्मा के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में परिषद से जुड़े सेवानिवृत्त कर्मचारी नेताओं को अंगवस्त्र, प्रशस्ति-पत्र एवं फूलमालाओं से सम्मानित किया गया।
कार्यवाहक अध्यक्ष राम अधार पाल ने स्वर्गीय बी.एन. सिंह एवं पी.एन. शुक्ल का स्मरण करते हुए कहा कि कर्मचारियों को आज जो अधिकार और सुविधाएं प्राप्त हैं, वे पूर्वज नेताओं के लंबे संघर्ष का परिणाम हैं। जिला मंत्री तौलू प्रसाद ने कहा कि बीते 60 वर्षों में अनेक आंदोलनों के दौरान कर्मचारी नेताओं ने जेल यात्राएं कीं, लाठियां खाईं और बर्खास्तगी का सामना किया, लेकिन अपने मुद्दों से पीछे नहीं हटे। उन्होंने पुरानी पेंशन नीति की बहाली के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि मुख्य कोषाधिकारी अशोक कुमार प्रजापति ने कहा कि सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारी एक परिवार का हिस्सा हैं और उनका सम्मान करना गौरव का विषय है। उन्होंने कोषागार से जुड़ी समस्याओं के प्रभावी निस्तारण का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने विचार व्यक्त करते हुए 61वें स्थापना दिवस को समीक्षा और संकल्प का दिन बताया तथा पुरानी पेंशन बहाली तक संघर्ष जारी रखने की शपथ ली।
इस अवसर पर परिषद से संबद्ध सेवानिवृत्त कर्मचारी रामधनी चौधरी, प्रदीप श्रीवास्तव, रामानुज शुक्ल, राधेश्याम, सालिगराम वर्मा, उदयपाल, सिद्धू प्रसाद, एस.आर. कन्नौजिया, श्रीमती मंजू सिंह पाल, श्रीमती भारती सिंह, योगेंद्र यादव, जे.पी.एन. सिंह, कौशल चौधरी एवं उपेंद्र सिंह को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में समाजसेवी जगदीश प्रसाद शुक्ल सहित परिषद से जुड़े अनेक पदाधिकारी एवं सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी नेता उपस्थित रहे।
