लखनऊ। भारत सरकार द्वारा विकसित ‘साथी (SAATHI) पोर्टल’ के द्वितीय चरण को उत्तर प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू करने के लिए कृषि निदेशक, उत्तर प्रदेश की अध्यक्षता में 13 और 14 फरवरी को कृषि निदेशालय में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में भारत सरकार के वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञों तथा National Informatics Centre (एनआईसी) के अधिकारियों ने पोर्टल के तकनीकी और संचालन संबंधी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।
प्रशिक्षण का उद्देश्य बीज व्यवसाय में पारदर्शिता बढ़ाना और डिजिटल माध्यम से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज उपलब्ध कराना है। पहले दिन बीज उत्पादक संस्थाओं, एफपीओ और निजी कंपनियों को प्रशिक्षण दिया गया, जबकि दूसरे दिन जनपद स्तरीय अधिकारियों तथा थोक एवं फुटकर बीज विक्रेताओं को तकनीकी जानकारी प्रदान की गई। प्रतिभागियों को अपने-अपने जिलों में मास्टर ट्रेनर के रूप में अन्य विक्रेताओं को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विभाग ने निर्देश दिया है कि अप्रैल माह से बीज व्यवसाय का संचालन अनिवार्य रूप से ‘साथी पोर्टल’ के माध्यम से किया जाए।
साथी पोर्टल’ कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा विकसित एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो बीज उत्पादन, प्रमाणीकरण और वितरण की पूरी प्रक्रिया को ट्रैक करता है। किसान क्यूआर कोड स्कैन कर बीज की गुणवत्ता और स्रोत की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, जिससे नकली बीजों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।
