•नई रेल लाइनों, दोहरीकरण, आधुनिक ट्रेनों और सुरक्षा उपायों से क्षेत्रीय विकास को मिली रफ्तार।
गोरखपुर। उदय बोरवणकर, महाप्रबंधक, पूर्वोत्तर रेलवे ने गुरुवार को गोरखपुर स्थित महाप्रबंधक बैठक कक्ष में आयोजित पत्रकार वार्ता में वित्त वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों को साझा करते हुए कहा कि रेलवे ने इस वर्ष आधारभूत संरचना, यात्री सुविधाओं, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
नई रेल लाइन परियोजनाओं को मिली गति
महाप्रबंधक ने बताया कि सहजनवा-दोहरीघाट, खलीलाबाद-बांसी-बहराइच, आनंदनगर-महराजगंज-घुघली, पनियहवा-तमकुही रोड तथा एटा-कासगंज जैसी महत्वपूर्ण नई लाइन परियोजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर पूर्वांचल और तराई क्षेत्र के कई जिले सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ जाएंगे, जिससे आर्थिक और सामाजिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
दोहरीकरण और तीसरी-चौथी लाइन विस्तार
रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के लिए बुढ़वल-गोण्डा, बाराबंकी-बुढ़वल और औंड़िहार-वाराणसी सिटी खंडों पर तीसरी लाइन तथा बुढ़वल-गोण्डा कचहरी पर चौथी लाइन स्वीकृत की गई है।
वहीं, गोरखपुर कैंट-वाल्मीकिनगर, भटनी-औंड़िहार, बलिया-छपरा और मऊ-शाहगंज खंडों पर दोहरीकरण कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। वर्ष 2025-26 में कुल 79 किमी रेल खंड का दोहरीकरण/तीसरी लाइन कार्य पूरा हुआ।
आमान परिवर्तन और बुनियादी ढांचा
बहराइच-नेपालगंज रोड खंड के आमान परिवर्तन के साथ पूर्वोत्तर रेलवे पूरी तरह ब्रॉड गेज नेटवर्क में परिवर्तित हो गया है। केवल मैलानी-नानपारा खंड को विरासत के रूप में संरक्षित रखा गया है।
इसके अलावा नकहा जंगल स्टेशन पर माल ढुलाई के लिए रेक प्वाइंट विकसित किया गया और दिव्यांगजनों की सुविधाओं का विस्तार किया गया।
नई ट्रेनों का संचालन
रेलवे ने यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए कई नई ट्रेनों का संचालन शुरू किया।
इसमें वंदे भारत एक्सप्रेस की तीन नई सेवाएं तथा 10 जोड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल हैं। इसके अतिरिक्त कई एक्सप्रेस और सवारी गाड़ियों का संचालन, मार्ग विस्तार और विशेष ट्रेनों के जरिए त्योहारों एवं मेलों में यात्रियों को सुविधा दी गई।
अमृत भारत स्टेशन योजना में प्रगति
इस योजना के तहत पूर्वोत्तर रेलवे के 58 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इनमें 13 स्टेशनों का उद्घाटन हो चुका है, जबकि अन्य स्टेशनों पर कार्य तेजी से जारी है।
सुरक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन
महाप्रबंधक ने बताया कि वर्ष 2025-26 में कोई भी बड़ी रेल दुर्घटना नहीं हुई।
सुरक्षा के तहत 12 ओवरब्रिज, 43 सब-वे बनाए गए तथा 48 समपार बंद किए गए। 27 फुट ओवरब्रिज, 282 किमी फेंसिंग, 123 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और 152 किमी ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग का कार्य पूरा किया गया।
साथ ही ‘कवच’ प्रणाली और एआई आधारित इंट्रूजन डिटेक्शन सिस्टम के माध्यम से ट्रेन और वन्यजीव सुरक्षा को मजबूत किया जा रहा है।
पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत
रेलवे ने सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देते हुए 8.22 मेगावॉट क्षमता स्थापित कर ली है, जबकि अतिरिक्त 19.6 मेगावॉट क्षमता के सोलर प्लांट स्वीकृत किए गए हैं। इससे हर वर्ष लगभग 15 करोड़ रुपये की बचत होने का अनुमान है।
स्क्रैप निस्तारण से भी 221.92 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
कर्मचारियों के लिए सुविधाएं
गोरखपुर स्थित ललित नारायण मिश्र रेलवे चिकित्सालय में नए फार्मेसी ब्लॉक, आईसीसीयू कक्ष और इमरजेंसी भवन का निर्माण कराया गया है, जिससे कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
महाप्रबंधक ने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे आने वाले समय में भी यात्री सुविधाओं, सुरक्षा और आधुनिक तकनीकों को प्राथमिकता देते हुए क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
